महाकुंभ एवं माघ मेला में आस्था और सेवा का संगम — एस० एच० एन० ट्रस्ट द्वारा प्रसाद एवं निःशुल्क भोजन वितरण, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया आशीर्वाद|
महाकुंभ एवं माघ मेला में आस्था और सेवा का संगम — एस० एच० एन० ट्रस्ट द्वारा प्रसाद एवं निःशुल्क भोजन वितरण, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया आशीर्वाद|
प्रयागराज। पवित्र संगम तट पर चल रहे महाकुंभ एवं माघ मेला के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। इस धार्मिक पर्व के दौरान "श्री हनुमत निकेतन जन सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट" द्वारा प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क प्रसाद एवं भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट के स्वयंसेवक दिन-रात सेवा में लगे हुए हैं और दूर-दराज़ से आने वाले तीर्थयात्रियों का प्रेमपूर्वक स्वागत कर रहे हैं।
ट्रस्ट के शिविर में प्रतिदिन प्रातःकाल से ही प्रसाद वितरण प्रारंभ हो जाता है। पूजा-अर्चना और भजन कीर्तन के पश्चात भक्तों को सात्विक प्रसाद स्वरूप खिचड़ी, फल, हलवा और पूड़ी-सब्ज़ी वितरित की जाती है। श्रद्धालु इसे आशीर्वाद स्वरूप ग्रहण करते हैं और इस पवित्र अवसर को अपनी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनाते हैं। प्रसाद वितरण स्थल पर साफ-सफाई, अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है।
दोपहर और रात्रि के समय ट्रस्ट द्वारा भोजन वितरण का आयोजन किया जाता है, जिसमें प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री, साधु-संत और श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। भोजन पूरी तरह सात्विक और पौष्टिक बनाया जाता है, जिसमें दाल, चावल, सब्ज़ी, रोटी और मिठाई शामिल होती है। भोजनालय क्षेत्र में स्वयंसेवक अत्यंत विनम्रता और समर्पण भाव से सभी आगंतुकों की सेवा करते हैं।
आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं ने संस्था की इस सेवा भावना की सराहना की है। राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत से आए यात्रियों ने कहा कि महाकुंभ में इतनी बड़ी संख्या में भोजन व्यवस्था देखना भावविभोर कर देने वाला अनुभव है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यहाँ न केवल भोजन मिलता है, बल्कि सेवा का सच्चा भाव भी महसूस होता है।
स्थानीय प्रशासन और मेले के अधिकारियों ने भी ट्रस्ट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और उसकी प्रशंसा की। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल मेले की गरिमा बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और आत्मिक संतोष का भी माध्यम बनते हैं।
पवित्र महाकुंभ एवं माघ मेला के दौरान इस प्रकार के 'प्रसाद एवं भोजन वितरण कार्यक्रम' सेवा, भक्ति और मानवता की भावना को सशक्त बनाते हैं। आस्था से ओतप्रोत वातावरण में जब हजारों लोग एक साथ बैठकर भगवान का प्रसाद ग्रहण करते हैं, तो वह दृश्य अपने आप में समरसता, एकता और आध्यात्मिकता का अद्भुत प्रतीक बन जाता है।
-- श्री हनुमत निकेतन जनसेवा चैरिटेबल ट्रस्ट
प्रयागराज, उत्तरप्रदेश







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